संदर्भ , प्रोफेसर अली अहमद फातमी की महिला विरोधी टिप्पणी .: मैं उस हंसी में शामिल नहीं थी. – सीमा आज़ाद . विषद चर्चा और पटाक्षेप .

2.04.2019 पिछले दिनों इलाहबाद में राजेंद्र कुमार जी के 75 वें वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में इलाहाबाद विवि में उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो अली अहमद फातमी जी ने बेहद हल्के रूप में महिला विरोधी टिप्पणी की जिसके बाद.पूरा हाल ठहाको से भर गया. इसी टिप्पणी पर दस्तक़ की संपादक Continue Reading

भारतीय लोकतंत्र के लिए यह लोकसभा चुनाव निर्णायक क्यों .ःः उत्तम कुमार

2.04.2019 सम्पादक दक्षिण कोसल यह लोकसभा चुनाव देश के लोकतंत्र के लिए निर्णायक होंगे। देशवासियों के साथ हम सब पर भी एक ऐसी सरकार के चुनाव की जिम्मेदारी रहेगी जिसमें देश के संविधान और धर्मनिरपेक्ष ढांचे को सुरक्षित रखने के साथ ही आम जन के बुनियादी सवालों को भी हल Continue Reading