चौकीदार की कहानी : प्रेमचंद के बहाने :  रात को ये लोग चोरों से तो कहते हैं, चोरी करो और आप दूसरे मुहल्ले में जाकर ‘जागते रहो! जागते रहो!’ पुकारते हैं.

मुंशी प्रेमचंन्द्र की कहानी ईदगाह  के अंश , प्रस्तुत   .प्रॉमीथियस प्रताप . चौकीदार की कहानी : प्रेमचंद के बहाने :  रात को ये लोग चोरों से तो कहते हैं, चोरी करो और आप दूसरे मुहल्ले में जाकर ‘जागते रहो! जागते रहो!’ पुकारते हैं. भारत राष्ट्र के महान कथाकार प्रेमचंद की Continue Reading

अर्धकुंभ के दावे की पोल खोलती गंगा! : विमल भाई .

19.03.2019 “ हमें गंगा से कुछ लेना नहीं बल्कि गंगा को देना है” बनारस के सांसद व स्वयम्भू गंगा पुत्र के शब्द अपने अर्थ को उल्टा कर चुके हैं उन्होंने गंगा से लिया ही लिया है। तहलका  में प्रकाशित लेख    { युवा संत आत्मबोधानंद जी 24 अक्टूबर, 2018 से Continue Reading

सामाजिक क्रांति के दस्तावेज़ : पेरियार और गांधी के बीच यह एकमात्र बातचीत 1927 में हुई.

पेरियार और गांधी के बीच यह एकमात्र बातचीत 1927  में हुई थी. हम इसे सामाजिक क्रांति के दस्तावेज़ , भाग-2  से साभार प्रकाशित कर रहे हैं . पेरियार – हिंदुत्व को बिल्कुल ही समाप्त कर देना चाहिए. गांधी – आप ऐसा क्यों सोचते हैं पेरियार – ऐसा कोई धर्म नहीं Continue Reading

2014 का चायवाला 2019 में चौकीदार हुआ .. रवीश कुमार

⚫ रवीश कुमार 2014 का चुनाव याद कीजिए. ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ कैंपेन चल पड़ा था. इस कैंपेन की चुनाव के दौरान धुलाई नहीं हो सकी. उस स्लोगन के बहाने जो लिखा गया, जो गाया गया मतदाता के बड़े वर्ग का वो गीत बनता चला गया. Ndtv : March Continue Reading

वेदांता के खिलाफ आन्दोलनरत आदिवासियीं पर लाठीचार्ज : दो मौत की खबर …

19.03.2019 { गोपाल राठी की फेसबुक वाल से } अभी हाल ही में हमारे देश में पाकिस्तान के साथ जंग को समर्थन देकर अपनी देशभक्ति साबित करने की लहर सी चल रही थी। लेकिन यह लहर अपने ही देश में किसानों-मजदूरों- आदिवासियों के साथ हमारे कार्पोरेट समर्थक सरकार की जंग Continue Reading

एक पुराना व्यंग : बाँह के कुर्ते और गांधी : अरूण कांत शुक्ला

आधी बाँह के कुर्ते और गांधी { 2015 में अरूण कांत शुक्ला जी का लिखा  व्यंग आज भी उतना ही सार्थक है .} (मोदी जी की बातों में उसका अभाव है और यह अभाव इनकी राजनीति में भी दिखता है| धो न सको तो बांह काट देने की राजनीति में, Continue Reading