फर्जी मुठभेड़ के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज करने कल भैरमगड में होंगे आदिवासी . आप भी आईये समर्थन दीजिए .

March 4, 2019 CG Basket 0

बस्तर में सरकार के हाथों गरीब आदिवासी ग्रामीणों पर लगातार चलते हुए मनावाधिकार हनन की लड़ाई  में दिनांक 7 फरवरी 2019 अबुझमाढ़ पहाड़ी पर स्थित […]

भारत में इस्लामी आतंकवाद एक सरकारी शगूफा है:. हिमांशु कुमार

March 4, 2019 CG Basket 0

4.02.2019 { हिमांशु कुमार की फेसबुक से आभार सहित } भारत में दमनकारी कानून बनाये गये उसमें 95% तक निर्दोष मुसलमानों को जेलों में ठूंस […]

भैरमगढ : 7 फरवरी को फर्जी मुठभेड़ में मारे गये दस आदिवासियों और बच्चों के परिजन और ग्रामीण आयेंगे कल भैरमगढ अपनी कहने के लिये . कलेक्टर से कहा उन्हें आने दें.

March 4, 2019 CG Basket 0

4.03.2019 सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने बीजापुर के कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा है कि 7 फरवरी को दस आदिवासियों की सुरक्षाबलों द्वारा कि गई […]

5 मार्च को आयोजित भारत बंद को व्यापक रूप से सफल बनायें : आदिवासी भारत महासभा

March 4, 2019 CG Basket 0

4.02.2019 रायपुर  आदिवासी महासभा (ABM) 5 मार्च 2019 को आयोजित भारत बंद के आह्वान का पूर्ण समर्थन करता है। विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा आयोजित इस […]

युद्ध मनुष्य के विवेक का स्थगन हैः अशोक वाजपेयी

March 4, 2019 CG Basket 0

युद्ध और शांति: नवभारत आज (03.03.2019) ‘नवभारत’ (छत्तीसगढ़-ओडिशा) के रविवारीय में डा. दीपक पाचपोर ने साक्षात्कार लिया अशोक वाजपेयी का . प्रस्तुत है ,चर्चा . […]

चुनाव को जनता के मसलों से ज्यादा युद्धोन्माद के हवाले करने की कोशिश: उर्मिलेश

March 4, 2019 CG Basket 0

युद्ध और शांति: नवभारत आज (03.03.2019) ‘नवभारत’ (छत्तीसगढ़-ओडिशा) के रविवारीय में  डा. दीपक पाचपोर द्वारा उर्मिलेश जी का  साक्षात्कार . पड़ोसी मुल्क के साथ युद्ध […]

युद्ध और मनुष्य के बीच एक को चुनने का अवसर : डॉ. दीपक पाचपोर

March 4, 2019 CG Basket 0

युद्ध और शांति: नवभारत आज (03.03.2019) ‘नवभारत’ (छत्तीसगढ़-ओडिशा) के रविवारीय में प्रकाशित  मुख्य लेख लड़ाई दो तरफा होती है, एक तरफ बारूद, दूसरी ओर रोटी […]

इतिहास : फाहियान का यात्रा विवरण: पाँचवी शताब्दी के भारत के कुछ चित्र : अजय चंन्द्रवंशी

March 4, 2019 CG Basket 0

4.03.2019 ईसा पूर्व छठी शताब्दी के धार्मिक आंदोलनों में बौद्ध धर्म का उदय एक महत्वपूर्ण घटना थी.जरूर इसके ‘उदय’ के अपने सामाजिक-आर्थिक कारण भी थें.अपने […]