भूमि अधिग्रहण होने पर बाजार भाव का 4 गुना मुआवजा देने संबंधित विधेयक को छग विधानसभा में पारित कराने पर भूमि अधिग्रहण होने पर ऊर्जा धानी भू विस्थापित संघ कोरबा का आभार .

1.02.2019 कोरबा  भूमि अधिग्रहण होने पर बाजार भाव का 4 गुना मुआवजा देने संबंधित विधेयक को छग विधानसभा में पारित कराने के लिए मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं माननीय राज्य मंत्री जय सिंह अग्रवाल  का    ऊर्जा धानी भू विस्थापित संघ कोरबा ने बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद दिया है. कांग्रेस Continue Reading

आदिवासी नर्सिंग छात्राओं का लंबित प्रशिक्षण शुल्क देने की मांग की माकपा छत्त्तीसगढ  ने

1.03.2019 रायपुर  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने यूरोपीयन कमीशन द्वारा आदिवासियों की शिक्षा के लिए दिए गए फंड में तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा घोटाला करने का आरोप लगाते हुए ईसीएसपीपी कार्यक्रम के अंतर्गत भर्ती आदिवासी छात्राओं की करोड़ों रुपयों का लंबित प्रशिक्षण शुल्क शीघ्र प्रदान करने की मांग की है. आज Continue Reading

जन सुनवाई में जनता से खतरा क्यों? : उत्तराखंड शासन प्रशासन ने दिखा दिया कि बांध कंपनियां लोगों के अधिकारों और पर्यावरण से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

 1 मार्च, 2019 यमुना घाटी में टॉन्स नदी की सहायक नदी सुपिन पर प्रस्तावित जखोल साकरी बांध परियोजना की पर्यावरणीय जनसुनवाई प्रभावित क्षेत्र से 40 किलोमीटर दूर मोरी ब्लॉक में कथित रूप से पूरी कर दी गई। 1 मार्च को जन सुनवाई का समय 11:00 बजे से शुरू हुआ किंतु Continue Reading

चौथा आल इंडिया मुशायरा ब यादगारे कामरेड अकबर

फ़िल्म आर्ट कल्चर एंड थियेट्रिकल सिसायती *FACTS* रायपुर चौथा आल इंडिया मुशायरा *ब यादगारे कामरेड अकबर* तारीख -9 मार्च 2019, शनिवार समय -शाम 6.30 बजे से बमुकाम -वृंदावन हॉल, सिविल लाइन्स, रायपुर शोरा हज़रात जनाब राजेश रेड्डी, मुम्बई जनाब हसीब सोज़, बदायूं डॉ कमर सुरूर, अहमदनगर जनाब अकील नोमानी, बरेली Continue Reading

तो इसलिए शिकार हुये एस आर पी कल्लूरी .

रायपुर./ 1.03.2019 अपना मोर्चा .काम से  भारतीय पुलिस सेवा 1994 बैच के अफसर शिवराम प्रसाद कल्लूरी पर सरकार ने कई बड़े मामलों की जांच सौंप रखी थीं, लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है. कल्लूरी को हटाए जाने के पीछे एक सीधा-सादा सा यह कारण बताया जा रहा है कि Continue Reading

पुरातत्विक अवशेष  : सहसपुर मूर्ति अभिलेख संवत 934(1182 ई.): भोरमदेव क्षेत्र: अजय चंन्द्रवंशी कवर्धा 

1.03.2019  भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन पुरातत्विक अवशेष दूर-दूर तक बिखरे हुए हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल श्रेणी के समानांतर पर्वतीय क्षेत्रों में मिलते हैं। पचराही, राजाबेंदा, हरमो, सहसपुर, घटियारी ऐसे ही ज्ञात स्थल हैं। सहसपुर भोरमदेव से दक्षिण दिशा में लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर तथा कवर्धा शहर Continue Reading