कवितायें ःः ज्योति शोभा ःः दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

⭕ || पकड़ने की कला में निपुण नहीं होती देह || वर्षों पुरानी हो गयी है देह  भार नहीं संभाल पाती चुंबन गिर रहे हैं  केशों की रेखा पर रखे गए थे जो  अज्ञातवास के ईश्वर की तरह  जो वेदों से निकल कर घूमता है अर्धरात्रि की शीतल कालिमा में  टहक कर Continue Reading

तुम तो इश्क हो मेरा , जिसे जी भरके निहारने का दिल करता है ःः प्रियंका शुक्ला .

तुम्हारी तरह न मेरे पास शब्द पिरोने की कला है और ना ही शब्दों की कोई मोटी सी गठरी हा, जब जरूरत पड़े तो एक ऑक्सफोर्ड की शब्दकोश जरूर है.. पर भावनाओ को शब्दकोश में आखिर कैसे ढूंढ़ा जाए? अब तुम कोई राजनैतिक दल का विषय तो हो नहीं जिस Continue Reading

रायपुर में पत्रकार पर हमले के खिलाफ बिलासपुर में पत्रकारों का प्रतिरोध धरना .सबकी मांग दोषी को बर्खास्त करें और पत्रकार सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार .

बिलासपुर ः 4.02.2019 आज नेहरू चौक बिलासपुर में पत्रकारों ने एक दिवसीय धरना दिया जिसमे बड़ी संख्या में पत्रकारों ने हमले के खिलाफ़ प्रतिरोध और रोष प्रगट किया .पत्रकारों ने मांग की कि भाजपा के जिस नेता ने हमला किया मारपीट किया उसके खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जाये उसे गिरफ्तार Continue Reading