अगर जोगेंद्र नहीं होते तो आम्बेडकर संविधान सभा में नहीं होते और आदिवासियों को असीमित अधिकार नहीं मिलते. #उत्तम कुमार, सम्पादक दक्षिण कोसल

29.01.2019 जो लोग यह समझते हैं कि नामोशुद्र आदिवासियों का शोषण कर रहे हैं उन्हें प्राणपुरूष जोगेन्द्रनाथ मंडल और बीआर आंबेडकर के इतिहास के विस्मृत कर दिए गए पन्ने को उलट कर पढ़ लेना चाहिए। इन दोनों ने भारत को हिन्दू राष्ट्र बनने से रोकने में प्रभावकारी भूमिका अदा की। Continue Reading

रमन सिंह की दंभ से भरी हुई एक अजीब सी तुकबंदी .

अपना मोर्चा 29-Jan-2019 राजकुमार सोनी पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह के फेसबुक पेज पर मंगलवार को दंभ से भरी हुई एक अजीब सी तुकबंदी कविता सुनने को मिली. पहले कविता का उल्लेख कर देता हूं फिर आगे कोई बात लिखूंगा. तो महान रचना इस तरह की है- बदले की जांच Continue Reading

भीष्म साहनी   ःः आज के अतीत : सहजता का सौंदर्य

29.01.2019 अजय चंन्द्रवंशी  भीष्म साहनी जी बीसवीं शताब्दी के हिंदी के महत्वपूर्ण कथाकार और उपन्यासकार हैं. उनकी कहानियां, उपन्यास और नाटक अपने समय और समाज के विसंगतियों, विडम्बनाओं को और साथ ही मानवता पर उनके दृढ़ विश्वास को उभारती हैं. ‘नयी कहानी’ के दौर के कथाकारों में उनकी अपनी एक Continue Reading