II कवि कालजयी II अमीर ख़ुसरो : जश्न-ए-अदब.

खुसरो दरिया प्रेम का,सो उलटी वा की धार। जो उबरो सो डूब गया जो डूबा हुवा पार। अबुल हसन यमीनुद्दीन अमीर ख़ुसरो को हम हिंदी खड़ी बोली के सबसे पहले और सबसे लोकप्रिय लोककवि के रूप में जानते हैं. प्रसिद्ध इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी ने अपने ऐतिहासिक ग्रंथ ‘तारीखे-फिरोज शाही’ में Continue Reading

कृष्णा जी का जाना : देशबन्धु में सर्वमित्रा सुरजन द्वारा लिखित संपादकीय

29.01.2019 कृष्णा सोबती नहीं रहीं। 94 साल की अवस्था में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सामान्यत: इस उम्र में किसी का जाना बहुत धक्का नहीं पहुंचाता है। लेकिन कृष्णाजी के जाने से ऐसा लगता है कि कोई बहुत बड़ा खजाना आपसे छीन लिया गया है। खजाना केवल रचनाओं Continue Reading

हम क्यों लगता है कि एसआरपी कल्लूरी को बढ़ावा देना लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है. मुख्यमंत्री से अपील .

29.01.2019 छत्तीसगढ़ की नव निर्वाचित सरकार द्वारा इंस्पेक्टर कल्लूरी की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के महानिरीक्षक के पद पर नियुक्ति से हम स्तब्ध और निराश हैं। एसआरपी कल्लूरी के पूरे सेवाकाल को अगर हम देखें तो वह बिना किसी डर और बेशर्मी के साथ किये Continue Reading

पुरातात्विक अध्ययन : कवर्धा , भोरमदेव मंदिर के निर्माता निर्धारण की समस्या :  अजय चंन्द्रवंशी

29.01.2019 : छत्तीसगढ़  छत्तीसगढ़ के खजुराहो के रूप में प्रसिद्द भोरमदेव का मंदिर अपने स्थापत्य कला और प्राचीनता के कारण छत्तीसगढ़ के इतिहास में विशिष्ट स्थान रखता है. जिस काल(9 से 17वीं शताब्दी) में छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्से में कलचुरियो का आधिपत्य था, लगभग वही समय भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी Continue Reading

जहरीले प्लांट के खिलाफ जंग जारी दिल्ली के साउथ ईस्ट जिले के निवासियों फिर सड़क पर : :  ज्वाइंट एक्शन कमेटी 

27 -01 -2019 आज दिल्ली के साउथ ईस्ट जिले के निवासियों ने जिंदल कचरा प्लांट 16 मेगा वाट ( वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, ओखला) के खिलाफ फिर सड़क पर निकल कर यह बता दिया है कि वह प्रदूषित हवा को नहीं सहेंगे। लोग नारे लगा रहे थे ‘साफ हवा हमारा Continue Reading

🎥 || रफ्ता रफ्ता देखो क्‍या हो रहा है…|| ० यूनुस ख़ान

28.01.2019 ० दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले हिंदी सिनेमा में बीते कई सालों से एक अजीब-सा चलन सामने आया है और ये चलन है पुराने गानों को नये अंदाज़ में पेश करने का. ये गाने सत्‍तर या अस्‍सी के दशक के भी हैं और बाद के यानी नब्‍बे Continue Reading