बावरा मन की प्रस्तुति , ख़याल गायन की शाम …… 22 जनवरी को सायं 7.30  बिलासपुर 

19.01.2019 बिलासपुर । संगीत रिसर्च अकादमी, कोलकाता के गुरु और विश्व विख्यात शास्त्रीय गायक उस्ताद वसीम अहमद खान की खयाल गायकी का जादू 22 जनवरी को शहर में बिखरेगा. उस्ताद वसीम अहमद खान साहब आगरा घराना के सशक्त हस्ताक्षर हैं . उस्ताद वसीम की “खयाल गायन की शाम “ मंगलवार, Continue Reading

|| प्रफुल्ल शिलेदार की कविताएँ ||   ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा        

19.01.2019 पुस्तक मेला अभी खत्म हुआ है। किताबों की तिलिस्मी दुनिया अब मेले से निकलकर हमारे साथ हमारे घरों में आ गई है। ढेर सारी नई किताबें अपने पढ़े जाने की प्रतीक्षा में हैं। आइये आज अनुवाद में किताबों के ही विषय में कुछ मराठी से अनूदित कविताएँ पढ़ते हैं। Continue Reading

|| प्रफुल्ल शिलेदार की कविताएँ ||     ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा    

पुस्तक मेला अभी खत्म हुआ है। किताबों की तिलिस्मी दुनिया अब मेले से निकलकर हमारे साथ हमारे घरों में आ गई है। ढेर सारी नई किताबें अपने पढ़े जाने की प्रतीक्षा में हैं। आइये आज अनुवाद में किताबों के ही विषय में कुछ मराठी से अनूदित कविताएँ पढ़ते हैं। इन्हें Continue Reading

शराब बंदी :अवधारणा एवं औचित्य पर प्रयास की परिचर्चा : प्रयास ,रायपुर .

19.01.2019 / रायपुर  नगर की प्रमुख सामाजिक संस्था प्रयास रायपुर द्वारा 18 जनवरी को शराब बंदी :अवधारणा एवं औचित्य पर परिचर्चा का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सम्पादक श्री ललित सुरजन ने की । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार श्री विनोद वर्मा व मीडिया सलाहकार Continue Reading

कोरबा : अधिग्रहित जमीन की वापसी और पुनर्वास ग्रामो की समस्या को लेकर 2 फरवरी को होगा महासम्मेलन.

कोरबा / 19.01.2019 पुर्नवास गांव की समस्याओं और विकास कार्यों के साथ 40 साल पूर्व अधिग्रहित जमीन की वापसी ,प्रबंधन द्वारा प्रदत्त जमीन का भूस्वामी अधिकार पट्टा, गांव के बेरोजगारों की लंबित नॉकरी ,वैकल्पिक रोजगार, जिला खनिज न्यास निधि के तहत दी जाने वाली सुविधाओं, भुविस्थपित प्रमाण पत्र, पर चर्चा Continue Reading

पुरातात्विक दस्तावेज़ :     मड़वा महल शिव मंदिर: भोरमदेव  ; अजय चंन्द्रवंशी 

19.01.2019 भोरमदेव के ‘मुख्य’ मंदिर के उत्तर में लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर प्रस्तर निर्मित एक शिव मंदिर है; जो जनमानस में ‘मड़वा महल’ अथवा ‘दूल्हा देव्’ के नाम से चर्चित है। स्थापत्य कला और प्राप्त शिलालेखों से यह मंदिर लगभग चौदहवी शताब्दी का प्रतीत होता है। यह मंदिर Continue Reading