वन विभाग का कारनामा : नियमों को ताक पर रखे जाने से डस्ट और ठूंठ मे बदल गया जंगल.:  कोयला खनन के लिये हाथी प्रभावित क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी से ही कर दिया इंकार .

रितेश वर्मा / पत्रिका .काम अंबिकापुर . हाथियों का जहाँ रहवास होता हैं वह क्षैत्र काफी सम्रद्ध माना जाता हैं .लेकिन कोयला खनन को अनुमति देने के लिये वन विभाग ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुये उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों की उपस्थिति से ही इंकार कर दिया Continue Reading

खाली पीली : अवार्ड का साईज़ नईं, साहेब का दिल देखने का : डा. दीपक पाचपोर

प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचारपत्र नवभारत टाइम्स में आज प्रकाशित मेरा व्यंग्य काॅलम ‘खाली पीली’ :  डा. दीपक पाचपोर . अपुन का ब्रादर बाबूराव नाराज़ हुएलाए कि साहेब ‘मार्केटिंग गुरु’ का पुरस्कार काएकूं लिएला? वो क्या बोला कि ‘साहेब इत्ता बड़ा आदमी होके अईसा फड़तूस सम्मान काएंकू लेताए? उसकूं शोभा नईं देताए।‘ Continue Reading

वन विभाग के आला अफसर सुनील मिश्रा लगे हैं जुगाड़ मेंं.

रायपुर. भारतीय वन सेवा 1994 बैच के अफसर सुनील मिश्रा का नाम कभी चूल्हा कांड में आया था. जैसा कि भाजपा की सरकार में वन अफसरों को महत्वपूर्ण और मलाईदार विभागों में पदस्थ करने की परम्परा रही है सो वे भी जल्द ही सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक बना दिए गए. Continue Reading

रोहित के संस्थानिक हत्या के तीन वर्ष बाद : रोहित की आत्महत्या दरअसल हत्या है  : उत्तम कुमार

18.01.2019 उत्तम कुमार द्वारा दक्षिण कोसल में लिखित आवरण कथा, फरवरी 2016 से. ‘मैं लिखना चाहता था, हमेशा से, विज्ञान के बारे में, कार्ल सगान की तरह और आखिर में बस यह एक खत है जो मैं लिख पा रहा हूं।’ रोहित कभी मरना नहीं चाहा होगा, उम्मीदों और सपनों Continue Reading