कर्वे इंस्टिट्यूट पूणे के छात्र – छात्राएं अभी अर्बन एंड रूरल कम्युनिटी डेवलपमेंट के फील्ड वर्क के दौरान छत्तीसगढ़ में 10 दिन की अद्ध्य्यन यात्रा (स्टडी टूर) में आये .

कर्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विस, पुणे के छात्र – छात्राओं का शैक्षणिक यात्रा में छत्तीसगढ़ आगमन 4.12.2018 रायपुर  कर्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विस, पुणे के मास्टर ऑफ़ सोशल वर्क्स (MSW) के द्वितीय वर्ष के 16 छात्र – छात्राओं और उनकी फैकल्टी डॉ. राजू अद्गाले की छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति Continue Reading

भोपाल गैस त्रासदी विश्व की भयानक दुर्घटनाओं में से एक हैःः  डॉ दिनेश मिश्र.

जेआर दानी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम. 4.12.2018 . रायपुर   भोपाल गैस त्रासदी के चौतीसवी वर्षगांठ के मौके पर जेआर दानी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष एवं नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिनेश मिश्र ने कहा 3 दिसंबर 1984 को भोपाल में Continue Reading

बहुत सुखद होता है अपनेपन का वह एहसास ःः सविता तिवारी

4.12.2018 ● “एहसास ” ● कभी कभी किसी अपरिचिता से मिलना बहुत ही खूबसूरत सी ख़ुशी का एहसास करा जाती है, लगता ही नहीं कि अपरिचिता है, प्यारे से चेहरे पर,प्यारी सी मुस्कान उनके अपने होने का एहसास करा जाती है, बहुत सुखद होता है अपनेपन का वह एहसास, जिसमें Continue Reading

सविता तिवारी की कविता “शून्य”

“शून्य” आज मन में और दिमाग में असंख्य कल्पनाएं थीं कि शून्य पर बहुत कुछ लिखूंगी पक्ष और विपक्ष पर सतत आलोचना और प्रशंसा कर शून्य का विस्तृत वर्णन करूंगी डायरी कलम लेकर बैठी अब तो पूरा शून्य का महिमा मंडन करना ही है, पर ये क्या हुआ अचानक हाथों Continue Reading

दस्तावेज़ ःः गुरु घासीदास के उत्तराधिकारी पुत्र गुरुबालकदास की ह्त्या क्यों ?

 4.12.2018 सतनाम दमनकाल गुरूघासीदास जी के देहावसान पश्चात् सतनाम आंदोलन के नेतृत्वकर्ता कौन हो के प्रश्न पर सतनाम संगठन_समाज में विचार_विमर्श हुआ।चूँकि गुरूघासीदास ने व्यक्ति महत्ता के स्थान पर समाज महत्ता जोर दिया था।समाज में गंभीर चर्चा के बाद यह तय हुआ कि ,सतनाम आंदोलन को चलाने में गुरूघासीदास के Continue Reading

2 दिसंबर 84 की वह रात कोई कैसे भूल सकता है ःः शरद कोकास.

3.12. 2018 2 दिसंबर 1984 को रविवार था । मैं एक सप्ताह से अपने दोस्त सुरेश स्वप्निल के घर ठहरा हुआ था । भोपाल के तमाम दोस्तों से मिलकर बैचलर होने के सुख से भरा हुआ दोस्तों की दावतों का लुत्फ उठाकर वापस दुर्ग लौट रहा था। अगले दिन सोमवार Continue Reading