छतीसगढ में विकास नहीं विनाश की तस्वीर बनी है ःः सरकार बदलने का आव्हान . ःः मजदूर संगठन .

19.11.2018 छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति, महिला मुक्ति मोर्चा, प्रगतिशील क्षात्र संगठन, जन आधारित पावर प्लांट मजदूर यूनियन, नवजनवादी लोक मंच ने प्रेसविज्ञप्ति जारी कर बताया की लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से सरकार बनती है जिसे हम सब प्रजातंत्र भी कहते है, प्रजा से चुनी हुई सरकार प्रजा Continue Reading

स्मृति शेष ःः “मैं भंगी हूं” जैसी कालजयी किताब के लेखक सामाजिक, राजनैतिक चिंतक एडवोकेट भगवानदासः के.पी.सिंह

ख़ेराजे अक़ीदत.. भारत के सबसे पहले अंबेडकरवाद मार्क्सवाद की एकजुटता के सशक्त (स्पष्ट) पक्षधर, सामाजिक क्रांतिकारी एड भगवानदास आज ही के दिन इस दुनियाए फ़ानी से कूच कर गए थे… (23.4.1927-18.11.2010) प्रस्तुति ःः जुलैखा जबीं ,दिल्ली  “मैं भंगी हूं” जैसी कालजयी किताब के लेखक सामाजिक, राजनैतिक चिंतक एडवोकेट भगवानदास जी Continue Reading

शाकिर अली ःः नये जनतंत्र में: समतामूलक समाज की चाह की कविताएं ःः समीक्षा , अजय चंन्द्रवंशी .

  19.11.2018 अजय चन्द्रवंशी, कवर्धा(छ. ग.)क वरिष्ठ कवि और आलोचक शाकिर अली जी की पहचान मुख्यतः एक समीक्षक और एक्टिविस्ट के रूप में ही अधिक रही है।अपने सम्पर्क में आने वाले नये पढ़ने लिखने वाले युवाओं से वाद-विवाद-संवाद करते उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए वे लगातार प्रयत्न करते Continue Reading

स्वर्ग नर्क देवलोक की  कल्पना नहीं बल्कि हमारे आपके बीच यथार्थ लगने लगता हैं .ः विष्णु नागर के उपन्यास आदमी स्वर्ग में पर चर्चा ,पाठक मंच बिलासपुर मे.

18.11.2018 ,बिलासपुर आज बिलासपुर के पाठक मंच की गोष्ठी में विष्णु नागर के उपन्यास आदमी स्वर्ग पर गंभीर चर्चा हुई और इस अवसर पर कविता पाठ भी किया गया. सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मुरली मनोहर सिंह ने उपन्यास पर मुख्य वक्तव्य रखा ,तथा राघवेंद्र धर दीवान , नंद कश्यप ,कपूर Continue Reading