BJP has dented The Constitution and Congress is harming National Interest . Rohit Dhankar Revocation of special status of J&K and bifurcation of the erstwhile state into two union territories seems to have completely unnerved Congress Party, the largest opposition party in the country. And this act of BJP is […]

डा. नरेंद्र दाभोलकर इस सवाल का जवाब तर्कों के आधार पर देते हुए कहते हैं । आदि आत्मन इति आत्मन . आत्मा का विचार करना ही आध्यात्म का प्रचार करना है.आत्मा नाम की कोई चीज तो होती नहीं है । इसलिए कायदे से मुझे आत्मा के बारे में बात करने […]

तखतपुर / भास्कर पुलिस अपनी गश्त में कितनी चुस्त है इसकी पोल चोरों ने एक साथ दर्जन भर मंदिरों के ताले तोड़कर साबित कर दिया । चोरों ने भगवान के आभूषण और नैन उड़ा ले लिए । इस बात की जानकारी सुबह भक्तों मंदिरों में पूजा करने जाने पर हुई […]

प्रोम्थियस प्रताप सिंह विस्सारियन ग्रिगोरियेविच बेलिंस्की का जन्म 12 जुलाई 1811 को एक देहाती डॉक्टर के घर हुआ था। बचपन का अधिकतर समय पेंजा गुबर्निया के चेम्बर नामक कस्बे में बीता। उन दिनों भला कौन सोच सकता था कि वह छोटा-सा कस्बा आगे चलकर सुन्दर नगर का रूप धारण करेगा […]

दृष्टिकोण के विकास में समाजसुधारकों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है । वर्तमान संदर्भो में इस प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए डॉ . नरेन्द्र दाभोलकर ने कहा , ‘ ‘ महाराष्ट्र के समाज सुधारकों ने बहुत बड़ा काम किया है – शिक्षा के क्षेत्र में , मजदूरों के क्षेत्र में […]

इसके जवाब में दाभोलकर कहते हैं – ‘ देखिए , कोई भी चीज़ शास्त्र है , यह कैसे सिद्ध हो सकता है ? इसके लिए वैश्विक स्तर के कुछ पैमाने हैं , जो नरेन्द्र दाभोलकर ने नहीं बनाए हैं . पहले कुछ अवधारणा या हाइपोथीसिस प्रस्तुत करना होता है तथा […]

जंगल कथा से कबीर संजय चालीस पार कर चुकी हमारी पीढ़ी के लोग निश्चित तौर पर ऐसा बहुत कुछ जानते हैं, जिनसे हमसे आगे की पीढ़ी वंचित रह गई है. मैं सौ से ज्यादा किस्म के पेड़ों को पहचान सकता हूं। जानवरों की सौ से ज्यादा प्रजातियों और पक्षियों की […]

कबीर संजय इस दुनिया में लगभग सात अरब लोग रहते हैं। गोरे, काले, पीले, गेहुएं। ईसाई, मुसलमान, बौद्ध, हिन्दू। लेकिन, हैरत की बात है कि इस पूरी दुनिया को सिर्फ दस लाख लोग संचालित करते हैं। इन सात अरब लोगों के जीवन का फैसला सिर्फ दस लाख लोगों के हाथ […]

प्रोम्थियस प्रताप सिंह की प्रस्तुति भारतीय वैज्ञानिक पी.एम भार्गव अपनी किताब ‘देवदूत शैतान और विज्ञान’ में लिखते हैं कि विज्ञान और धर्म के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि जहाँ विज्ञान अग्रमुखी है यानी आगे की ओर देखता है, वहीं धर्म पश्चमुखी है यानी पीछे की ओर देखता है। […]

भोरमदेव-मैकल पर्वत क्षेत्र अपने पुरातत्विक अवशेष के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य, जंगल, गुफाओं, बैगा जनजाति के निवास और संस्कृति आदि के लिए भी जाना जाता है। यहां मैकल श्रेणी में कई अद्भुत गुफाएं और प्राकृतिक संरचनाएं हैं, जो धीरे-धीरे उजागर हो रही हैं। विभिन्न प्रकार के भौगोलिक स्थितियों सरंचनाओं,परिस्थितियों,ऊंचाई-नीचाई, ताप-दाब के […]

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