Human Rights Groups Release First Comprehensive Report on Torture in Indian Administered Jammu & Kashmir; Case Studies Find 70% of Torture Victims are Civilians and 11% die during or as a result of torture.

Today Association of Parents of Disappeared Persons (APDP) and the Jammu Kashmir Coalition of Civil Society (JKCCS) released the first comprehensive report on torture in Jammu and Kashmir titled Torture: Indian State’s Instrument of Control in Indian Administered Jammu and Kashmir. The report focuses on torture perpetrated in Jammu and Continue Reading

बुध्द पूर्णीमा पर विशेष : बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं है.. संजीव खुदशाह .

पिछड़ा वर्ग के अध्ययन से बुद्ध की जाति पर पुनर्विचार करना लाजमी है, क्योंकि इस जाति के आधार पर ही बुद्ध को ब्राम्हणों द्वारा विष्णु के दसवें अवतार के रूप में प्रतिस्थापित किया गया। इसी प्रतिस्थापना के खेल में बुद्ध की सारी उपलब्धियों पर पानी फेर दिया गया, क्योंकि इस स्थापना से Continue Reading

बुद्ध पूर्णिमा विशेष : चर्चित पुस्तक “गोंडी तड़का, गोंडवाना भड़का” के लेखक कोयतुर मारोती उईका दादा की शोध पर लिखा आलेख : गौतम बुद्ध भी गोन्ड़ थे.

जी हा यह सच है की गौतम बुद्ध भी गोन्ड़ थे. . . कौनसे गोन्ड़ थे ? जाहिर है की वे माडिया गोन्ड़ थे . लिन्गोवासी व्यंकटेश आत्राम इन्होने 30 साल पहले अपनी किताब “गोन्डी संस्कृतीचे सन्दर्भ” मे इसका जिक्र किया है और गौतम बुद्ध माडीया गोन्ड़ होने का पुख्ता Continue Reading

आदिवासी और मुण्डा जन जाति : महादेव मुंड़ा .

आदिवासी और मुण्डा जाति पर एक लेख प्रस्तुत है! सबसे पहले यह जान लें कि आदिवासी शब्द भारत के आदिम मूलनिवासी के शब्दकोश में नहीं थी। यह शब्द सवर्णों या गैर आदिवासियों ने हीन भावना से कही थी।भारत के प्राचीनतम आदिवासियों को महज #मानोवा #होन यानी मानव कहा जाता था। Continue Reading

प्राचीन मुण्डा संस्कृति पत्थलगड़ी की परिभाषा ! : महादेव मुंड़ा

पूर्व पाषाण काल(Pre stone age) में आग का अविष्कार नहीं हुआ था। इसलिए शेर जैसा अन्य जानवरों को कच्चा खाते थे। मानव भी जंगली जानवरों को वैसा ही कच्चा खाते थे। लेकिन शेर के प्राजाति को मानव से और मानव को भी जंगल में सबसे अधिक शेर-भालू से ही डर Continue Reading

13 मई 1942 ; आज के दिन ही आश्वित्ज़ के गैस चेंबर में 1400 यहूदियों को मारा गया था.

प्रोमिथ्यस प्रताप सिंह द्वारा प्रस्तुत 13 मई 1942* इतिहास के पन्नों में आज का दिन एक दर्दनाक, भयावह घटना के रूप में मौजूद है। आज के दिन आश्विट्ज़ के गैस चेम्बर में लगभग 1400 यहूदियों को मारा गया था।आश्विट्ज़ जो दक्षिणी पोलैंड में औसवेसिम के औद्योगिक शहर के पास स्थित Continue Reading

काकेर का निबरा गांव : आज़ादी के 71 साल बाद भी बच्चे पढ रहे है झोपड़ी मे. यही है विकास की मंजिल.

 सरकार चाहे कितने भी विकास के दावे करें, लेकिन सरकार की पोल उस वक्त खुल जाती है जब आजादी के 71 साल बाद भी बच्चे झोपड़ी में शिक्षा ग्रहण कर रहे हो। बस्तर के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां आज भी विकास की चिड़िया सिर्फ सरकारी कागजों में दिखाई देती Continue Reading

14 अप्रेल : संविधान को समझना क्यों जरूरी है। डॉक्टर अंबेडकर संविधान सभा के समापन भाषण में कहते हैं …

14 अप्रैल 2019 अंबेडकर जयंती के अवसर पर डीएमए इंडिया ऑनलाइन यूट्यूब चैनल की ओर से या खास वीडियो देखिए। संविधान को समझना क्यों जरूरी है। डॉक्टर अंबेडकर संविधान सभा के समापन भाषण में कहते हैं जॉन स्टुअर्ट मिल की चेतावनी को ख्याल रखना होगा। जिन्हें प्रजातंत्र को बनाए रखने Continue Reading

अम्बेडकर_की_तीन_चेतावनियां_और_भारत_@2019 : बादल सरोज 

14 अप्रैल 2019 तुलना बड़ी विचित्र है, किन्तु विडंबनाओं के दौर में सम्भावनाओं के विकल्प सीमित हो जाना लाजमी है। पिछले दिनों साक्षी महाराज का ‘ये चुनाव देश के आखिऱी चुनाव होंगे’ का आप्तवचन पढ़ा तो बाबा साहब अम्बेडकर की याद आई । खासतौर से उनकी वे तीन चेतावनियां याद Continue Reading