आज विदेशी कवयित्रियों की कविताओं की इस श्रंखला की अंतिम कड़ी में प्रस्तुत कर रहा हूँ हालीना पोस्वियातोव्स्का की दो […]

ग्राज़्यना क्रोस्तोवस्का का जन्म 21 अक्टूबर 1921 को लुबलिन (पोलैंड) में हुआ था. नाज़ी जर्मनी के काल में भूमिगत संगठन […]

नवरात्र के छठवें दिन आज प्रस्तुत है अरबी में लिखने वाली कवयित्री दून्या मिख़ाइल की एक महत्वपूर्ण कविता  दून्या की इस कविता पर […]

आज नवरात्र के पाँचवे दिन पाठकों के लिए प्रस्तुत है, पाकिस्तान की कवयित्री अज़रा अब्बास की सरल सी लगने वाली […]

भिलाई नगर. सेक्सोफोन की दुनिया यूं ही बड़ी नहीं है. इस वाद्ययंत्र में दुनिया के बड़े से बड़े तानाशाह की […]

आज नवरात्रि के चौथे दिन प्रस्तुत है नोबेल पुरस्कार प्राप्त लैटिन अमेरिकी कवयित्री गाब्रीएला मिस्त्राल की दो कविताएँ जिनका अनुवाद कबाड़खाना ब्लॉग के […]

आलेख : बादल सरोज एक  किसी भी व्यक्ति या विचार का मूल्यांकन करने का सही तरीका उसे उसके देश-काल में बांधकर […]