टीआरएन इनर्जी  ने पहले जमीन  पे जबरन कब्ज़ा किया  , विरोध प्रदर्शन के बाद घर में घुस के 6  आदिवासियो  को पुलिस ने किया गिरफ्तार , छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने तुरंत रिहा करने और जमीन वापस करने की मांग ,








रायगढ़  के विकासखण्ड घरगोड़ा के ग्राम भेंगरी और कोकरी आमा के 40 आदिवासी किसान कल ही छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के धरना आंदोलन के बाद रायगढ़  से वापस आया थे ,की रात  में  3  बजे स्थानीय पुलिस इन लोगो के घर मे घुस के 6 आदिवासियों को पकड़ के ले गई ,बहुत देर तक तो समझ ही नहीं आया की आखिर इनका कसूर क्या है ,बाद में पता चला की टी आर एन इनर्जी  कंपनी के लोगो ने ग्राम के 8  लोगो के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज करवाई झै जिसमे 8 लोगो पे चौकीदार से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है ,कम्पनी  ने कहा ही की इन आठ लोगो ने कारखाने के अंदर जबरजस्ती घुसने की कोशिश की और चौकीदार चन्द्रिका प्रसाद गिरी से मारपीट की ,और इन सबके खिलाफ धारा 147 ,323 ,294 ,327 ,506  बी  के तहत गिरफ्तारियां की गई है ,और रातो रात इन्हे थाने  और बाद में जेल भेज दिया गया ,

गिरफ्तार किया गए सभी लोग आदिवासी है और इन सबकी जमीन कमपनी ने फर्जी तरीके से अपने कब्ज़े में कर ली हैं ,ये लोग है , सेतलाल माझी,रथ लाल ,ऐतवार ,धनाराम ,रामकुमार और जोगी राम माझी है , भेंगरी और कोकारी आमा  के 80  आदिवासियों की जमीन एनर्जी  कंपनी ने फर्जी तरीके से हड़प ली है ,ये सारी  जमीन बेनामी और फर्जी कागजात के आधार पे कब्जाई  गई हैं , इस फेराफेरी के खिलाफ सभी किसान जिला प्रशाशन के पास 107  [ख ] के तहत कार्यवाही के लिए गए थे ,और कलेक्टर ने इसकी जाँच के भी आदेश दिया है ,जिसकी जाँच एसडीएम  श्री अभिषेक सिंह कर रहे हैं।

इस गाव के 40 -50  आदिवासी  फर्जी जमीं हस्तांतरण के खिलाफ और पैसा एक्ट कानून के पालन और वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन के लिए कई महीनो से आंदोलनरत है , 15 अक्टुम्बर यानि परसो के दिन ये सब रायगढ़ कलेक्टर के सामने धरना और प्रदर्शन के लिए गए थे , इसके पहले से  तैयारी  करने में इन लोगो ने सक्रिय  भूमिका अदा  की थी ,इससे कंपनी के लोग बोखला गए थे ,और  इनके खिलाफ झुटे प्रकरण दर्ज करवाने और उनके साथ पुलिस की मिलीभगत से इन्होने इन्हे गिरफ्तार करके अपने विरोध को दबाने की कोशिश की हैं ,
छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन और राज्य के विभिन्न जनसंघटन बयान  जारी करके , इस गैरकानूनी गिरफ्तारियों के विरोध करते यही और कलेक्टर से अपील करते यही की इन्हे तुरंत रिहा किया जाये ,तथा  गैरकानूनी तरीके से खरीदी गई जमीन की बिक्री रद्द की जाये , बयान में  छत्तीसगढ़ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ल , टीयूसी के गणेश कछवाह ,किसान नेता आनन्द मिश्रा ,नन्द कश्यप , क्रांतकारी शिक्षक संघ के नेता डिग्रीप्रसाद चौहान ,भारत जान आंदोलन के विजय भाई , सरगुजा के आदिवासी नेता जंग साय , छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदुर कार्यकर्त्ता समिति के रमाकांत बंजारे , पीयू सी एल  के डा  लखन सिंह  ने मांग की है ,एक प्रतिमंडल सोमवार को कलेक्टर से भी मिलेगा और इसकी शिकायत  आदिवासी आयोग ,मानवाधिकार आयोग और राज्यपाल से भी मिल के करेगा ,


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